one vs one छत्तीसगढ़ ज्ञानं मंथन


छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स – part2 1

  छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स    President Appoints New Chief Justice in MP, Patna, Kerala, Chhattisgarh, Jharkhand HCs नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति    राष्ट्रपति ने मध्य प्रदेश, पटना, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड हाई कोर्ट  में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त  किए  है भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने 10 मार्च, 2017 […]


छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स

छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स Chhattisgarh Current Affair यूनिवर्सल रेल मिल (Universal Rail Mill):- भिलाई स्टील प्लांट में २३ january को नया  यूनिवर्सल रेल मिल का उदघाटन  किया गया यह स्थापन भारत सरकार के मेक इन इंडिया के तहत हुआ है. यह उदघाटन स्टील मिनिस्टर चौधरी बिरेंदर सिंह द्वारा हुआ साथ ही […]


ब्रिटिश शासन के अधीन मराठा शासन — ( 1818 – 1830

ब्रिटिश शासन के अधीन मराठा शासन —  ( 1818 – 1830 )         1817 में तृतीय आंग्ल – मराठा यूद्ध के दौरान, सीताबर्डी के युद्ध में  मराठे पराजित हो गए, यही से छ.ग. में मराठो का शासन समाप्त हो गया,  इस समय अंग्रेज अधिकारी लार्ड हेस्टिंग थे, […]


छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन और उसके कार्य

छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन और उसके कार्य छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन का प्रभाव 1818 से प्रारंभ हो गया था, 1817 में हुए सिताबर्डी के युध्द में जब मराठे पराजित हो गये तो छत्तीसगढ़ में ब्रिटिशो ने शासन किया, मराठे ब्रिटिश के अधीन रहकर शासन करने लगे, छत्तीसगढ़ में अंग्रेजो का […]


छत्तीसगढ़ में मराठा शासन भाग – 2 1

  सूबा शासन – ( 1787 – 1818 ) व्यंकोजी भोंसले  —  (1787 – 1815)     1787 में बिम्बाजी भोंसले की मृत्यु के बाद इसने शासन किया   इसने छ.ग. में प्रत्यक्ष शासन नही किया, नागपुर में रहकर छ.ग. का शासन संचालन किया,   इसके परिणामस्वरूप नागपुर छ.ग. की राजनितिक […]


छत्तीसगढ़ में मराठा शासन भाग 1

छत्तीसगढ़ में मराठा शासन – ( 1741 – 1818 ई.) तक –   भोंसला आक्रमण के समय  हैहय शासन की दशा – आरंभिक हैहय शासक योग्य थे,  किन्तु 19 वीं शताब्दी के प्रमार्ध में उनका गौरव विलुप्त हो चूका था,   इस समय रतनपुर व रायपुर शाखा के तत्कालीन शासको […]


छ.ग. इतिहास भाग -10 रायपुर के कलचुरी वंश भाग -3

रायपुर के कलचुरी वंश (लहुरी शाखा) इनका समय 14 वीं शताब्दी का माना जाता है,   रायपुर में इस शाखा का संस्थापक संभवतः केशवदेव को माना जाता है, इस वंश के शासको का क्रम – लक्ष्मी देव सिंघन देव रामचंद्र देव     सिंघन देव – इसने 18 गढ़ों को […]


छ.ग. इतिहास भाग -7 कलचुरी वंश भाग -2

पृथ्वी देव प्रथम – (1065 – 1095 ई.) इसने सकल कोसलाधिपति की उपाधि धारण की, रतनपुर में विशाल तलाब को निर्मित करने का श्रेय पृथ्वी देव को है, तुम्मान में पृथ्वी देवेश्वर नामक मंदिर बनवाया था,   जाजल्य देव प्रथम – (1090 – 1120 ई.) इसने उड़ीसा के शासक को […]


छ.ग. इतिहास भाग -8 कलचुरी वंश भाग -1

  कलचुरी वंश – (990  – 1740 ई.) 6 वीं शताब्दी के आस- पास  मध्य भारत मा कलचुरियो का अभ्युदय हुआ, प्रारम्भ में कलचुरियो ने आरम्भ में महिष्मति (महेश्वर जिला, खरगौन, म.प्र.) को सत्ता का केंद्र बनाया. कालान्तर में कलचुरियो की शाखा जबलपुर के निकट त्रिपुरी नामक क्षेत्र में कोकल्ल […]


छ.ग. इतिहास भाग -7 काकतीय वंश –

काकतीय वंश – वारंगल के चालुक्य अन्नमदेव (काकतीय) ने बस्तर के छिंदकनाग वंश के शासक हरिशचंद्र देव को 1313 ई. में परास्त किया.   अन्नमदेव 1324 ई. में सत्तासीन हुआ, उसने दंतेवाड़ा में प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर  का निर्माण कराया इनकी राजधानी मंधोता थी,       1948 ई. तक काकतीय […]


छ.ग. इतिहास भाग -6 कांकेर का सोमवंशीय शासन

कांकेर क्षेत्र पर शासन करने वाला एक प्राचीन वंश सोमवंश था,   कांकेर और उसके आस – पास के स्थानों से प्राप्त अभिलेखों से इस वंश के बारे में जानकारी प्राप्त होती है,   ये अभिलेख शक् संवत 1242 का है,   सोमवंश का प्रथम राजा – सिंहराज था सिंहराज […]


छ.ग. का इतिहास भाग -5, छ.ग. का स्थानीय राजवंश भाग -3- नागवंश

नागवंश – छ.ग. में नागवंश की दो शाखाओ ने शासन किया था, बस्तर का छिंदक नागवंश – इस समय बस्तर का प्राचीन नाम चक्रकूट या भ्रमरकूट था,   बस्तर में छिंदकनागवंशी का शासन था, इन्हें छिंदक या सिदवंशी भी कहते थे,   दक्षिण कोसल में कलचुरी राजवंश का शासन था, […]


छ.ग. का इतिहास भाग -4, छ.ग. का स्थानीय राजवंश भाग -2

पांडूवंश –    इस वंश का प्रथम राजा उदयन था,   इसकी राजधानी सिरपुर थी,   तीवरदेव – तीवरदेव इस वंश का पराक्रमी शासक था, जिसने कोसल और उत्कल को जीतकर- सकल – कोसलाधिपति की उपाधि धारण की थी,   महान्नन – उर्फ़ ननंद देव द्वितीय, इसके ताम्रपत्र सक्की तहसील […]