५वि से ६वि शताब्दी


बौध्द धर्म

बौध्द धर्म के संस्थापक  गौतम बुध्द थे | उनका जन्म  563/567 ई. पू. बिहार नेपाल की तराई कपिल वस्तु के पास लुम्बिनी वन में हुआ था

उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था | पिताजी का नाम सुध्दोधन था | माता का नाम महा  माया था | | पत्नी यशोधरा पुत्र राहुल

 

महानिभिश्क्रमण —  गौतम बुध्द द्वारा  गृह त्याग की घटना  महानिभिश्क्रमान कहलाई

२९ वर्ष की आयु में गौतम बुध्द द्वारा गृह त्याग किया गया } ये शाक्य वंश के  थे | जातीय क्षत्रिय   थी |

जन्म के सातवे दिन उनकी माता की मृत्यु हो गयी थी

 

सम्बोधि– गौतम बुध्द द्वारा ज्ञान की प्राप्ति सम्बोधि कहलाई

गृह त्याग क बाद इनके पहले गुरु अलार कलाम थे

ज्ञान प्राप्ति– पीपल वृक्ष के नीचे बोधगया के ऊरूवेला गाँव में उम्र 35 वर्ष की आयु में प्राप्त की

 

नदी तट — निरंजन \ पुनपुन नदी

ज्ञान प्राप्ति क बाद शाक्य मुनि या गौतम बुध्द कहलाये

 

धम्म धर्म चक्र प्रवर्तन — गौतम बुध्द द्वारा दिया गया प्रथम उपदेश

 

महापरिनिर्वान —  गौतम बुध्द  की मृत्यु की घटना

 

प्रमुख सिद्धांत 

इश्वर – अनीश्वरवादी है

आत्मा — अनात्त्मावादी

पुनर्जन्म — विश्वास करते हैं

सुत्तपिटक ग्रन्थ के खुद्दक निकाय पाठ के जातक  कथाओ  में गौतम बुध्द के 549 पुनर्जन्म की कथा है

गौतम बुध्द की अस्थियो को 8 भागो में बांटा गया है

वेद- वेदों को पूर्ण सत्य नही मानते थे

जातिप्रथा –  जाती प्रथा का विरोध किया था

मूर्तिपूजा – विरोध किया

अहिंसा –  अहिंसा के सस्मर्थक थे ( किन्तु कट्टर समर्थक नही थे )

त्याग –  समर्थक  थे ,  ( किन्तु कठोर तप के विरोधी थे )

 

चार आर्य सत्य — 

इसका सम्बन्ध दुःख से है,

१. दुःख – बिना दुःख के जीवन संभव नहीं है

२. दुःख समुदय — प्रत्येक दुःख का कारण होता है

( यह बौध धर्म का सबसे बड़ा दार्शनिक सिद्धांत है ) ” कारण करण सिद्धांत या प्रतीत्य समुच्चय ”  कहते है

3. दुःख निरोध – प्रत्येक दुःख का उपाय है

उपाय – अष्टांगिक मार्ग  ( माध्यम मार्ग)

४. अष्टांगिक मार्ग  – दुःख निरोधगमिनी  मार्ग

 

 

त्रिरत्न — बुध्द, धम्म , संघ

 

त्रिपिटक — बौध्द धर्म के  पवित्र ग्रन्थ को कहते हैं.

त्रिपिटक की भाषा पॉली तथा लिपि ब्राम्ही है

त्रिपिटक के नाम — सुत्तपिटक, विनयपिटक , अभिधम्म पीटक

 

सुत्तपिटक — इसके संकलनकर्ता आनंद

आनंद गौतम बोध्द क प्रिय शिष्य थे

सुत्तपिटक में बुध्द का उपदेश है

पाठ — खुद्दक निकाय

कथा – जातक कथा 549 पुनर्जन्म की कथा

 

विनयपिटक — संकलनकर्ता  उपाली है

नियम बौध्द संघ का नियम है

बौध्द संघ में प्रथम प्रवेश करने वाली प्रजा पत्मी गौतमी है न्यूनतम आयु 15 वर्ष

 

अभिधम्म पीटक — बौध्द धर्म के दार्शनिक तत्वों का वर्णन है

 

 

अन्य बौध्द ग्रन्थ 

 

दीप वंश + महा वंश — इसकी रचना श्री लंका में ३रि शताब्दी  ई. पू. में पॉली भाषा  में हुई थी

 

दिव्यवदान  — महायान बोध्द धर्म का ग्रन्थ है | इसकी भाषा संस्कृत है |

इससे हमें उतर मौर्य कालीन अशोक के उत्तराधिकारियों की जानकारी मिलती है|

 

बुध्द चरित्र — लेखक अश्वघोष

 

महा विभाषा शास्त्र —  इसके लेखक वसुमित्र है | यह बोध्द धर्म का विश्व कोस है

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