प्राचीन भारत का इतिहास २


पुरान –   इनकी संख्या 18 है

सबसे प्राचीनतम पूराण –  मत्स्य पुराण है

मत्स्य पुराण से हमें सातवाहन वंश की जानकारी मिलती है

वायु पुराण से मौर्य वंश की जानकारी मिलती है

विष्णु पुराण से गुप्त वंश की जानकारी मिलती है

 

पुरानो का व्यवस्थित रूप से संकलन गुप्त काल में हुआ था

पुरानो को पंचमवेद कहते है

पुरानो से राजाओ की वन्शावाली का बोध होता है

पुरानो के संकलनकर्ता लोमहर्ष, उग्र्सवा है

पुराण का शाब्दिक अर्थ होता है – प्राचीन आख्यान

 

 

स्मृति ग्रन्थ –  गुप्त काल में व्यवस्थित रूप से इनका संकलन किया गया

स्मृति ग्रंथो को धर्मशास्त्र भी कहा जाता है

सबसे प्राचीनतम स्मृति ग्रन्थ – मनुस्मृति है,

मनुस्मृति की रचना दूसरी शताब्दी में शुन्ग्काल में हुआ था

मनुस्मृति के रचयिता  मनुदशम है

मनुस्मृति का सम्बन्ध सामाजिक न्याय/ सामाजिक विधि से है

 

रामायण के रचयिता – वाल्मीकि

महाभारत के रचयिता – वेदव्यास

महाभारत को प्रारम्भ में जयसंहिता कहा जाता था

 

 

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *