छ.ग. की भू- गर्भिक संरचना –


 

छ. ग. के मैदान –

रिहंद बेसिन –  यह बेसिन रिहंद नदी द्वारा छ.ग, के उत्तरी सीमा पर बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर तहशील में है,

 

कन्हार बेसिन – यह कन्हार नदी द्वारा निर्मित है, छ.ग. के उतार पूर्व में है

हसदो रामपुर का मैदान – हसदो नदी द्वारा निर्मित है

सरगुजा बेसिन – मांड नदी द्वारा निर्मित है

महानदी बेसीन – इसे छ.ग. का मैदान कहते है,

कोटरी बेसिन – कोटरी नदी द्वारा बीजापुर, नारायणपुर में निर्मित होता है, इसकी स्थिति दक्षिण पश्चिम है

बस्तर का मैदान –  इन्द्रावती और शबरी नदी द्वारा सुकमा और दंतेवाडा में निर्मित होता है,

 

 

छ.ग. की भू- गर्भिक संरचना –    

चट्टान – 

आर्कियन संरचनायह प्राचीनतम शैल समूह है, जो की छ.ग. के सर्वाधिक भाग में विस्तृत है,  

ये जीवाश्म हिन् चट्टानें होती है, जो की भू- गर्भ में अत्यत  गहराई  में   पाई जाती है

इसके अंतर्गत  ग्रेनाईट, नीस, क्वार्टज, शिष्ट  आदि चट्टानें पी जाती है,  

 

कडप्पा शैल समूह –  इसमें खनिज – चुना पत्थर, डोलोमाईट, क्वार्टजाईट  आदि प्राप्त होते है

 

धारवाड़ शैल समूह – सबसे अधिक धात्विक खानिजे इसी शैल समूह में पाए जाते है, – लौह अयस्क, टिन  

 

गोंडवाना शैल समूह –  इसके अंतर्गत अधात्विक शैल समूह पाया जाता है,

जैसे – कोयला

ये दो प्रकार के होते है – 

अपर  गोंडवाना

लोवर गोंडवाना

 

 

दक्कन /लमेटा शैल समुह –  छ.ग. में यह कम मात्रा में पाया जाता है,  इसके अंतर्गत – बाक्साईट खनिज प्राप्त होता है,               

                                                                

 

 

 

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