कर


कर –

 

कर दो प्रकार  का होता है

1 . प्रत्यक्ष कर

2 . अप्रत्यक्ष कर

 

प्रत्यक्ष कर

जिस व्यक्ति पर लगाया जाता है भार भी उसी पर पड़ता है , अर्थात जिस व्यक्ति पर कर लगाया जाता है उसे ही कर को चुकाना पड़ता है

 

केंद्र सरकार द्वारा  लिए जाने वाला प्रत्यक्ष कर –

 

  1. व्यक्तिगत आयकर
  2. निगम कर – बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लाभांश पर लगने वाला कर है , वर्तमान में केंद्र  सरकार  की शुद्ध मत निगम कर है

 

  1. उपहार कर – इसमें उपहार लेने वाले पर कर लगता है

 

 

  1. आस्ति कर
  2. व्यय कर
  3. सम्पति कर
  4. पूंजी लाभ कर
  5. लाभांश कर
  6. ब्याज कर
  7. प्रति भूति व्यव्हार कर

 

राज्य सरकार के प्रत्यक्ष कर –

  1. होटल प्राप्तियो पर कर
  2. भू- राजस्व
  3. कृषि आय पर कर
  4. व्यवसाय पर कर
  5. गैर शहरी अचल सम्पतियो पर कर
  6. रोजगारो पर कर
  7. पथ कर

 

 

अप्रत्यक्ष कर

जिस व्यक्ति पर कर लगाया जाता है वह उसे दुसरो से वसूलता है अर्थात कर का भार दुसरे व्यक्ति पर पड़ता है

 

जिस पर कर लगया जाता है उसे करापात कहते है,

जिस पर भर पड़ता है उसे कराघात कहते है

 

केंद्र सरकार के अप्रत्यक्ष कर –

  1. सीमा शुल्क
  2. केंद्रीय उत्पाद कर – किसी कंपनी के द्वारा उत्पादन में लगता है,

भारत सरकार की कुल आय का सबसे बड़ा मत उत्पाद शुल्क है .

  1. केंद्रीय बिक्री कर
  2. सेवा कर

 

राज्य सरकार के अप्रत्यक्ष कर –

  1. बिक्री कर / व्यापार कर
  2. स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क
  3. राज्य उत्पाद शुल्क
  4. वाहनों पर कर
  5. विज्ञापन पर कर
  6. प्रवेश कर
  7. शिक्षा उपकर
  8. सट्टेबाजी पर कर
  9. डीजल पेट्रोल पर बिक्री कर

 

आयकर –

भारत में  इन्कमटैक्स  प्रोग्रेसिव  टैक्स का सबसे अच्छा उदा. है

भारत में टैक्स इस प्रकार है –

2.50 लाख तक कोई टैक्स नहीं लगेगा

5 लाख तक है तो 10 % टैक्स लगेगा

5-10 लाख तक 20% टैक्स लगेगा

आयकर भारत में आर्थिक विषमता को दूर करने में सहायक होते है

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