क्रिया


क्रिया – वे शब्द जिनसे किसी कार्य के करने अथवा होने, का बोध होता है, उसे क्रिया कहते है,

उदा.- सीमा गाती है,

रेखा नाचती है,

इन वाक्यों में गातीनाचती शब्द संज्ञा के कार्य करने का बोध कराती है, अतः “गाती” व “नाचती” क्रिया है,

 

क्रिया का निर्माण तीन प्रकार से किया जाता है,

 

  1. धातु से-

लिख से ——- लिखना ( क्रिया बनता है, )

चढ़ से ——— चढ़ना ( क्रिया )

पढ़ से —— –  पढ़ना ( क्रिया)

चल से ——- चलना   ( क्रिया )

 

 

 

  1. संज्ञा से

हाथ से        —    हथियाना

आलस्य से     —   अलसाना

धिक्कार से     —  धिक्कारना

 

 

  1. विशेषण से

मोटा से        —   मुटाना

टिमटिम से     —   टिमटिमाना

भिनभिन से    —  भिनभिनाना

गरम से       —   गरमाना

 

क्रिया के भेद –

क्रिया दो प्रकार के होते है,

  1. सकर्मक क्रिया – वे कार्य जो कर्ता के द्वारा होता तो है, किन्तु उस कार्य का फल करता को नही मिलता, बल्कि उस कार्य का प्रभाव “कर्म”  के ऊपर पढ़ता है,

 

जैसे –

उमेश तमाशा देख रहा है,

डॉ. आम्बेडकर ने भारत के संविधान की रचना की,

 

 

इन वाक्यों में, देखने का कार्य उमेश, व डॉ. आम्बेडकर के द्वारा  हो रहा है, किन्तु इनके कार्यो का फल इनके कर्म तमाशा, एवं संविधान पर पढ़ रहा है,

अर्थात उमेश और डॉ. आम्बेडकर के द्वारा जो कार्य किया गया उसका फल उन्हें ना मिलकर उनके कर्म को प्राप्त हुआ,

 

 

सकर्मक क्रिया के कर्म के आधार पर दो भेद है, —

 

एकर्मक क्रिया – जिस क्रिया का एक ही कर्म होता है, एकर्मक क्रिया कहलाता है,

जैसे –

अर्चना बाज़ार जाती है,

श्याम पानी पिता है,

 

द्विकर्मक क्रिया – जिस क्रिया के दो कर्म होते है, द्विकर्मक कहलाता है,

जैसे –

रेखा ने अनु को पुस्तक दी,

सुनीता ने अनीता को पेन दिया,

( इस प्रकार के वाक्य में दो कर्म हो रहा है, सुनीता और अनीता दोनों के द्वारा कर्म हो रहा है, )

 

 

  1. अकर्मक क्रिया— कर्ता के द्वारा किये गए कार्य का फल भी कर्ता को ही मिलता है,

जैसे –

श्वेता लिखती है,

सोनिया खेलती है,

चुकी इन वाक्यों में लिखने एवं खेलने का कार्य श्वेता एवं सोनिया के द्वारा हो रहा है, जिसका फल भी इन्हें ही मिल रहा है,इस  ( लिखती, एवं खेलती ) क्रिया का कर्म नही है,

 सकर्मक और अकर्मक क्रियाओ की पहचान –

  • वे कार्य जिसमे कर्म एवं क्रिया दोनों होते है, सकर्मक क्रिया कहलाते है, यदि क्रिया से पूर्व किसे, क्या, किसको, प्रश्नवाचक शब्द लगाकर प्रश्न करने पर उत्तर मिलता है, तो वह सकर्मक क्रिया कहलाता है,

 

  • वह कार्य जिसमे कर्म नही होता केवल क्रिया होती है, तो वह अकर्मक क्रिया कहलाती है यदि क्रिया से पूर्व किसे, क्या, किसको, प्रश्नवाचक शब्द लगाकर प्रश्न करने पर उत्तर न आने पर वाक्य में प्रयुक्त क्रिया अकर्मक कहलाती है,

 

  • उदा. –   मैं गाना गाती हूँ,

छात्र रोता है,

( पहले वाक्य में जब सवाल पूछा जाता है की, मै क्या गाती हूँ, तो जवाब में उत्तर है गाना, इस प्रकार गाती हूँ क्रिया सकर्मक है, दुसरे वाक्य में यदि सवाल पूछा जाये की – छात्र क्या रोता है, उत्तर कुछ नही मिलता, अतः यहाँ रोता है क्रिया अकर्मक है,)

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