संज्ञा भाग – 1


संज्ञा के विकारक तीन  प्रकार के है —

 

लिंग – 

वह शब्द जिससे किसी वस्तु के पुरुष या स्त्री होने का बोध होता  है   लिंग का अर्थ – चिन्ह अथवा निशान होता है, अतः जिस चिन्ह से किसी संज्ञा के स्त्री या पुरुष होने का पता चलता है ,

 

लिंग के भेद –  लिंग के दो भेद है,

  1. पुल्लिंग – वह शब्द जिससे किसी संज्ञा के पुरुष होने का पता चलता है, पुल्लिंग कहलाता है,
  2. स्त्रीलिंग —   वह शब्द जिससे किसी संज्ञा के स्त्री होने का पता चलता है,  स्त्रीलिंग कहलाता है ,

 

पुल्लिंग शब्द –

  • जिन शब्दों के अंत में “अ”  “आ”  “आव”  “पा” “पन” “न” लगे हो, उनकी गणना पुल्लिंग में की जाती है,

 

  • पर्वतो के नाम, रत्नों के नाम,  शारीरिक अंगो के नाम, पेड़ो के नाम, मासों के नाम, वारो के नाम,  अनाजो के नाम,  जल एवं स्थल भागो के नाम,  धातुओ के नाम भी पुल्लिंग में आता है

 

  • कुछ शब्द हमेशा पुल्लिंग में ही प्रयोग होते है, -जैसे — कछुआ, पशु, मच्छर, तोता, चिता,पक्षी,खटमल,बाज,कौआ, खरगोश,गरुड़,गैंडा,
  • सामासिक शब्दों में – सभामंड़प, कमलनयन, महापुरुष,रहन-सहन, राजकाज,सुख-दुःख,
  • ग्रहों में – बुध, मंगल,वृहस्पति,शनि,सूर्य,चाँद,राहू,आदि

 

 

स्त्री लिंग  शब्द

  • कुछ शब्द हमेशा स्त्रीलिंग में ही प्रयोग होते है, – मछली, मैना, कोयल, दीमक, तितली,  गिलहरी, चिल,  मकड़ी,

 

  • जिन संज्ञा शब्दों के अंत में “ख” वर्ण व “इया” प्रत्यय आता है वे स्त्रीलिंग कहलाता है,

 

  • कुछ भाववाचक संज्ञा जिनके अंत में आई,आस,और ता, आता है, स्त्रीलिंग कहलाता है

 

  • आहारो के नाम, नदियों के नाम, किराने के सामान के नाम स्त्रीलिंग होते है,

 

  • ईकारांत शब्द प्रायः स्त्रीलिंग होते है जैसे- पूरी, रोटी, स्याही, नदी, कचौरी, मछली आदि,

 

  • तिथियों के नाम, लिपियों तथा बोलियों का नाम, नक्षत्रो के नाम, स्त्रियों के नाम स्त्रीलिंग होते है,

 

वचन

 

शब्दों का वह रूप जिससे यह पता चलता है की वह एक के लिए प्रयुक्त हुआ है या अधिक के लिए .

 

वचन दो प्रकार से होते है –

 

  1. एकवचन
  2. बहुवचन

 

एकवचन   =====

  • संज्ञा का वह रूप जिससे हमें किसी एक संख्या का बोध होता है, एकवचन कहलाता है
  • जैसे – लड़का, पेन्सिल, बिल्ली ( यहाँ पर लड़का, पेन्सिल, बिल्ली ये एक वचन के रूप में है , चूँकि लड़का का अर्थ यहाँ किसी एक लड़के से है ,यदि लड़के का प्रयोग होता तो यह बहुवचन कहलाता, वैसे ही पेन्सिल, बिल्ली की संख्या भी एक है )

 

 

 

बहुवचन –

  • संज्ञा का वह रूप जिससे एक से अधिक संख्या का बोध होता है, बहुवचन कहलाता है,
  • जैसे – लड़के, बिल्लियाँ, पुस्तके,  ( ये शब्द एक से अधिक का बोध कराते है, अतः यह बहुवचन है )

 

 

  • वचन की पहचान करने के लिए कुछ उदा. है –
  • लड़का गाना गा रहा है ( एकवचन ) यहाँ एक लड़के की बात की जा रही है,  अतः यह एकवचन है

 

  • लड़के गाना गा रहे है — ( बहुवचन ) यहाँ पर लड़के  शब्द का प्रयोग  एक से अधिक के लिए हुआ है, अतः यह बहुवचन है

 

 

  • क्रिया से भी हम वचन की पहचान कर सकते है, (क्रिया का अर्थ – करना , हमारे द्वारा किया जाने वाला कार्य ही क्रिया है,)

जैसे –

  1. ऊँट बैठा है , – यहाँ पर बैठना क्रिया है , चूँकि ऊँट बैठा है में, बैठा एक संख्या को दर्शाता है तो, ये वाक्य एक वचन के लिए प्रयुक्त हुआ है,

 

  1. ऊँट बैठे है , – यहाँ पर ऊँट बैठे है में, बैठे एक से अधिक संख्या का बोध कराता है, तो यह वाक्य बहुवचन हुआ,

 

कुछ ऐसे शब्द  जो केवल बहुवचन में ही प्रयुक्त होते है –  जैसे – प्राण, होश, हस्ताक्षर, लोग,

 

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