Daily Archives: September 6, 2017


छ.ग. का इतिहास भाग -5, छ.ग. का स्थानीय राजवंश भाग -3- नागवंश

नागवंश – छ.ग. में नागवंश की दो शाखाओ ने शासन किया था, बस्तर का छिंदक नागवंश – इस समय बस्तर का प्राचीन नाम चक्रकूट या भ्रमरकूट था,   बस्तर में छिंदकनागवंशी का शासन था, इन्हें छिंदक या सिदवंशी भी कहते थे,   दक्षिण कोसल में कलचुरी राजवंश का शासन था, […]


छ.ग. का इतिहास भाग -4, छ.ग. का स्थानीय राजवंश भाग -2

पांडूवंश –    इस वंश का प्रथम राजा उदयन था,   इसकी राजधानी सिरपुर थी,   तीवरदेव – तीवरदेव इस वंश का पराक्रमी शासक था, जिसने कोसल और उत्कल को जीतकर- सकल – कोसलाधिपति की उपाधि धारण की थी,   महान्नन – उर्फ़ ननंद देव द्वितीय, इसके ताम्रपत्र सक्की तहसील […]


छ.ग. का इतिहास भाग -3, छ.ग. के स्थानीय राजवंश

छ.ग. के स्थानीय राजवंश   राजर्षितुल्यकुल वंश ( सुर वंश ) – इस वंश ने दक्षिण कोशल पर 5 वीं 6 वीं  शताब्दी तक शासन किया था,   इस वंश की राजधानी – आरंग थी   आरंग में भीमसेन द्वितीय के ताम्रपत्र प्राप्त हुए है जिसके अनुसार सुर शासको के […]


छ.ग. इतिहास भाग-2

माहाजनपद काल-    यह 6वी शताब्दी का काल है,   व्हेनसांग की किताब सी.यु.की. के अनुसार गौतम बुद्ध ज्ञान प्राप्ति के बाद छ.ग. की राजधानी श्रावस्ती में आये थे और तीन  माह निवासरत थे   गौतम बुद्ध के दक्षिण यात्रा की जानकारी हमें “औदान शतक नामक ग्रन्थ” से मिलता है […]


छ.ग. इतिहास भाग -1

छ.ग. का इतिहास     प्रागैतिहासिक काल –( पाषाण काल) प्रागैतिहिसिक काल वह काल है, जिसमें इतिहास जान्ने के कोई लिखित प्रमाण नही मिले है, इस काल का कोई लिखित प्रमाण नही मिला है किन्तु छ.ग.के अनेक क्षेत्रो से इस काल को जानने के कई प्रमाण मिले है, इस काल को […]