छ.ग, साहित्य, रचना एवं रचनाकार


 

छत्तीसगढ़

साहित्य , रचना एवं रचनाकार  – 

संत धनी धर्मदस – छ. ग. के प्रथम कवी कहे जाते है ये  छ. क्ष. में कबीर पंथ के    संस्थापक माने जाते है,

 

छ. ग. में कबीर पंथ का तीर्थ स्थल दामाखेड़ा  है.

 

 

 

पं. सुन्दरलाल शर्मा –  पं सुन्दर लाल शर्मा को छ. ग. का महात्मागांधी कहा जाता है  

  • इनकी रचना  दानलीला छ.ग. का प्रथम प्रबंध काव्य है
  • मासिक पत्रिका “दुलरवा” का प्रकाशन इन्होने रायपुर के जेल में रहकर किया है

दुलरवा – ( श्री कृष्ण के जन्म स्थान से सम्बंधित पत्रिका है )

 

 

शुकलाल प्रसाद पाण्डेय –  छ. ग. के प्रथम हास्य कवी है.

इनकी रचना — गियाँ  आउ भूल भुलैया

 

 

बंशीधर पाण्डेय –     प्रथम उपन्यासकार है

  • इनका उपन्यास है – हीरू की कहिनी
  • प्रकाशन – 1926 में

 

सीता राम मिश्र – प्रथम कहानीकार है

कहानी – सुरही गैय्या

 

 

द्वारका प्रसाद तिवारी –  ये बिलासपुर के रहने वाले है

छ. ग. के सबसे कम उम्र के कवी है, लगभग 16 साल की उम्र में इन्होने काव्य रचना आरम्भ की थी,

 

इनकी रचना है – गाँधी  गीत,  फाल्गुन गीत ,  सुराज गीत ,   पंचवर्षीय योजना

 

 

मुकुटधर पाण्डेय – प्रथम छायावादी कवी है

  • इनका जन्म – जांजगीर चांपा के बालपुर में हुआ था
  • ये लोचन प्रसाद पाण्डेय के छोटे भाई है
  • रचना – कुरकुरी के प्रति (1920) यह कविता छायावादी काव्य धारा की पहली कविता मानी जाती है.
  • छायावाद के जनक माने जाते है,
  • 26 / जनवरी / 1950 को पद्मश्री सम्मान मिला था

 

लोचन प्रसाद पाण्डेय –  छ. ग. के  प्रथम नाटक कार है

नाटक –  “कलिकाल” है

 

  • छ.ग. के भीष्म पितामाह कहे जाते है,

 

  • रायपुर में इन्होने – महाकौशल इतिहास परिषद्  की स्थापना की थी.

 

  • 1920 में इन्होने छ.ग. गौरव प्रचारक मंडली की स्थापना की.

 

  • छ.ग. में गद्य लेखन की शुरवात की थी

 

 

 

 

श्रीकान्त वर्मा –  ये बिलासपुर के रहने वाले है,

 

  • राज्यसभा के सदस्य रह चुके है

 

  • इनकी रचना – मगध, माया दर्पण, जल साध्य, मटका मेघ

 

 

हरी ठाकुर –  रायपुर के स्वतन्त्रता सेनानी रहे है,

  • रचना – सुरता के चन्दन, धान का कटोरा,    नए स्वर

 

  • इनका खंड काव्य – शहीद वीरनारायण सिंह है

 

  • ये ठाकुर प्यारेलाल के पुत्र है.

 

  • 2001 में पं. सुन्दरलाल शर्मा साहित्य सम्मान प्रदान किया गया

 

 

देवी प्रसाद पाण्डेय – ये जांजगीर चांपा के रहने वाले है

 

इन्हें बच्चू जांजगिरी कहते है

 

इनकी जीवनी- मस्तो का मसीहा है

 

पं. श्यामलाल  चतुर्वेदी – राजभाषा आयोग के  अध्यक्ष थे

रचना- पाररा भर लाइ

 

 

डॉ नरेंद्रदेव  वर्मा – 

छ. ग. का प्रहसन – मोला गुरु बनाई ले

उपन्यास – सुबह की तलाश, अपूर्वा

 

 

विनोद कुमार शुक्ल – कोरिया जिले के रहने वाले है,

 

  • इनकी रचना- नौकर की कमीज,
    • दिवार में खिड़की रहती है, ( इस रचना के लिए इन्हें, व्यास सम्मान मिला था )
    • लिखेगा तो देखेंगे,
    • वह आदमी चला गया गर्म कोट पहनकर

 

 

 

केयूर भूषण – ये गाँधी वादी विचार धारा से प्रभावित थे.

इनकी रचना – फूटा करम

 

दानेश्वर शर्मा–   इनकी रचना है –     “बेटी के बीदा”

 

 

पालेश्वर  शर्मा – रचना –  तिरिया जन्म झन देय

 

  • डॉ बलदेव प्रसाद – 1939 में तुलसी दर्शन  महाकाव्य और शोध  प्रबंध  की रचना की, इस कार्य पर नागपुर विश्वविद्यालय ने इन्हें डी लिट् की उपाधि दी

 

  • 1946 में इनकी अमर कृति साकेत संत प्रकाशित हुआ

 

  • 1920 में इन्होने असहयोग आन्दोलन के समय ठा. प्यारेलाल के साथ मिलकर राजनंदगांव में स्वदेशी राष्टी विद्यालय की स्थापना की थी.

 

  • इनकी रचना – मृणालिनी परिणय, समाज सेवक, मैथिलि परिणय, कोशल किशोर,   मानस मंथन,   जीवां संगीत , साहित्य लहरी.

माधव राव सप्रे – छ.ग. में पत्रकारिता के पितामाह कहे जाते है,

छ.ग. का पहला समाचार पत्र छत्तीसगढ़ मित्र का प्रकाशन इन्होने बिलासपुर के पेंड्रा जिले से किया था

 

 

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – इनका जन्म राजनंदगांव में हुआ था.

  • इनकी पहली रचना – भाग्य का प्रकाशन 1911 में हितकारिणी में हुई,
  • यह माडर्न रिव्यू में प्रकाशित कहानी का छायानुवाद था
  • बख्शी जी को सरस्वती पत्रिका का संपादक कहा जाता है
  • सरस्वती पत्रिका का संपादक बनकर 1920 में ये इलाहाबाद गये थे.
  • 1929 में सरस्वती पत्रिका के सम्पादकीय पद से स्तीफा दे दिया
  • 1952 – 1956 तक ये खैरागढ़ में रहकर ही सरस्वती पत्रिका का संपादन करते रहे
  • 1950 में मध्य प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मलेन के सभापति चुने गये,
  • 1960 में सागर विस्वविद्यालय द्वारा डी लिट् की मानद उपाधि से सम्मानित किये गये.
  • इनकी प्रसिद्ध कहानी – झल मला – कालजयी कहानी है
  • इनका निबंध – कारी
  • इनकी अन्य रचना इस प्रकार है –
    • काव्य- शतदल, अश्रुदल
    • कहानी संग्रह – पंचपात्र, झलमला, मंजरी
    • उपन्यास- कथाचक्र, भोला,  वे दिन
    • नाटक – प्रायश्चित, त्रिपथगा
    • निबंध- अंतिम अध्याय, कुछ और कुछ, यात्री, बिखरे पन्ने, हिंदी साहित्य विमर्श, मेरे प्रिय निबंध, जिन्हें नहीं भूलूंगा.

 

 

गजानन माधव मुक्तिबोध –  इनकी पहली कविता – ह्रदय की प्यास  1935 में  कालेज की पत्रिका में छपी.

  • 1940 में अज्ञेय  के प्रथम तार सप्तक का प्रकाशन हुआ, मुक्तिबोध जी जिसके पहले कवी मुक्तिबोध जी थे.

 

 

काव्योपाध्याय हीरालाल–  प्रथम छ.ग. व्याकरण के रचनाकार है (1880 )

 

 

हनुमंत नायडू– पहली छ.ग. फिल्म कही देबे सन्देश के गीतों की रचना की थी

 

कुन्ज  बिहारी चौबे–  अंग्रेजी शासन के खिलाफ कविता लिखने वाले पहले कवी थे

 

गोपाल मिश्र – हिंदी काव्य की दृष्टि से छ.ग. के वाल्मीकि कहे जाते है,

इनकी किताब – खूब तमाशा

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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