हिंदी भाषा


हिंदी  

हिंदी भाषा की उत्पत्ति –  हिंदी भाषा की उत्पत्ति प्राकृत के अंतिम रूप अपभ्रंश से हुई है

अपभ्रंश प्राकृत भाषा का बिगड़ा हुआ और विकसित रूप है, जब प्राकृत भाषा का प्रयोग बोलचाल में कम होने लगा तब अपभ्रंश का विकास होने लगा, जब तक इस भाषा का प्रयोग बोलचाल में होता रहा तब तक यह भाषा या  देवभाषा कहलाती रही

और जब यह भाषा साहित्य की भाषा बन गई तो इसे अपभ्रंश कहा जाने लगा,

अपभ्रंश नाम हमें सबसे पहले वल्लभी के राजा धारसेन 2 के शिलालेख में मिलता है, इस शिलालेख में गृहसेन को संस्कृत,प्राकृत, अपभ्रंश का कवि कहा गया है

इस प्रकार प्राकृत और अपभ्रंश भाषा का हिंदी में विकास विक्रम की सातवी शताब्दी में हुआ है

हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी बनी.

अतः हिंदी भाषा का विकास अपभ्रंश के शौरसेनी से हुआ है ……….

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